ईरान की यात्रा पर आए जर्मन संसदीय दल के सदस्यों ने ईरान के संसद में धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधियों से भेंट की।ईरान की संसद में यहूदी समुदाय के सांसद सियामक मुर्रे स़िद्क़ ने बुधवार के लिए तेहरान में जर्मन संसदीय दल के सदस्यों से भेंट में ईरान में विभिन्न धार्मिक अल्पसंख्यकों के मैत्रीपूर्ण जीवन के अतीत की ओर संकेतकरते हुए कहा कि ईरान के संविधान के अनुसार इस देश में अल्पसंख्यकों पर कोई प्रतिबंध नहीं है।ईरान के इस यहूदी सांसद ने कहा कि ईरान में सभी समूदायों और धर्मों से संबंध रखने वाले लोग शांति व मैत्रीपूर्ण वातावरण में जीवन व्यतीत करते हैं।उन्होंने ईरान में सभी अल्पसंख्यकों को प्राप्त समान अधिकारों की ओर संकेत करते हुए कहा कि कुछ देशों की ओर से निराधार प्रचारों के विपरीत ईरान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकार पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं।इस भेंट में उपस्थित ईसाई सांसद युनाइतिन बित कलिया ने भी कहा कि ईरान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अपने विशेष उपासना स्थल हैं और उन्हें एसी स्वतंत्रता प्राप्त है जो विश्व के बहुत प्रजातांत्रिक कहे जाने वाले देशों में भी नहीं है। उन्होंने कनाडा जैसे कुछ देशों की ओर से ईरान में धार्मिक अल्पसंख्यको के अधिकारों के हनन के दावे को झूठ और निराधार बताया। इस भेंट में जर्मन संसदीय दल के प्रमुख ने इस यात्रा को ईरान के साथ संबंध विस्तार में जर्मनी की रूचि का सूचक बताया और कहा कि दिवपक्षीय भेंटों और वार्ताओं के जारी रहने से दोनों पक्षों को एक दूसरे के दृष्टिकोणों से अवगत होने का बेहतर अवसर मिलेगा। (
30 अक्टूबर 2012 - 20:30
समाचार कोड: 361238
ईरान की संसद में यहूदी समुदाय के सांसद सियामक मुर्रे स़िद्क़ ने बुधवार के लिए तेहरान में जर्मन संसदीय दल के सदस्यों से भेंट में ईरान में विभिन्न धार्मिक अल्पसंख्यकों के मैत्रीपूर्ण जीवन के अतीत की ओर संकेतकरते हुए कहा कि ईरान के संविधान के अनुसार इस देश में अल्पसंख्यकों पर कोई प्रतिबंध नहीं है............